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Jio/Airtel से मैंने Porting करवाई – Complete Process और Hidden Charges

मेरा पिछला नंबर Airtel का था, लगभग 8 साल पुराना। Network की quality और कुछ service issues के चलते मैंने Jio में port करने का फैसला किया। सोचा था कि यह एक आसान प्रक्रिया होगी, लेकिन जैसे-जैसे मैंने process start की, कुछ ऐसे points सामने आए जिनके बारे में मुझे पहले कोई idea नहीं था। सबसे बड़ा सवाल था – क्या porting truly free है, जैसा कि advertisements में दिखाया जाता है, या फिर कुछ hidden charges हैं जो आपको बाद में चुकाने पड़ते हैं? इस लेख में, मैं आपके साथ अपना पूरा personal experience share करूंगा, जिसमें हर एक step, documents, waiting time, और वो छोटे-बड़े charges शामिल हैं जो आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं। मेरा मकसद है कि आप पूरी तरह informed रहकर एक सही और आसान decision ले सकें।

Mobile Number Porting (MNP) क्या है? समझिए बिल्कुल बेसिक से

सबसे पहले, आइए इसको सरल भाषा में समझते हैं। Mobile Number Portability (MNP) का मतलब है कि आप अपना पुराना mobile number बदले बिना ही, अपना telecom service provider (जैसे Airtel, Vi, BSNL) बदल सकते हैं। यानी आपका नंबर वही रहेगा, लेकिन आपकी sim Jio, Airtel, या किसी और कंपनी की हो जाएगी। यह सेवा TRAI के नियमों के तहत पूरे भारत में available है। ध्यान रखें, porting करने पर आपकी पुरानी सिम डी-एक्टिवेट हो जाती है और आपको नई सिम मिलती है।

Porting से पहले ये 5 जरूरी Checks जरूर कर लें (Pre-Porting Checklist)

बिना तैयारी के process start करने पर problem हो सकती है। इन points को verify कर लेना जरूरी है:

  1. पोर्टिंग के लिए Eligibility: आपका नंबर कम से कम 90 दिनों से एक्टिव होना चाहिए। नया नंबर (90 दिन से कम पुराना) port नहीं हो सकता।
  2. Outstanding Bills Clear करें: पुराने operator के साथ आपके कोई pending bills नहीं होने चाहिए। अगर कोई बकाया है, तो porting request reject हो जाएगी।
  3. अपना Current Plan पहचानें (Identify): अगर आपके पुराने connection में कोई long-term plan (जैसे 6 महीने या 1 साल का recharge) चल रहा है, तो porting करने पर उसकी बची हुई validity और balance डिलीट हो सकती है। पहले ही जान लें।
  4. ड्यू-डेटिलिजेंस (Due Diligence): नए operator के network coverage और plans की अपने इलाके में जांच कर लें। पुराने operator के friends और family से feedback लें।
  5. UPI, Bank & Important Accounts के लिए Alert: आपका नंबर bank accounts, UPI apps (Google Pay, PhonePe), social media और दूसरी जरूरी services से लिंक्ड है। Porting process के दौरान कुछ घंटों के लिए नेटवर्क बंद रहता है। इस दौरान OTP नहीं मिलेगा। इसकी planning पहले से कर लें।

Jio या Airtel में Port करने का Complete Step-by-Step Process (दोनों तरफ से)

यहां प्रक्रिया लगभग एक जैसी ही है, चाहे आप Airtel से Jio जा रहे हों या Jio से Airtel। Process offline (store में) और online (घर बैठे) दोनों तरीकों से हो सकती है।

Method 1: Offline Process (Store Visit करके)

यह सबसे common और reliable तरीका माना जाता है।

स्टेप 1: पोर्टिंग कोड (UPC) जनरेट करना (Generate Porting Code)

  • अपने मौजूदा नंबर से 1900 डायल करें।
  • Automated call में आपसे आपका state और operator का नाम पूछा जाएगा। सही information दें।
  • आपसे porting के लिए reason पूछा जा सकता है (जैसे – better service, cheaper plans, आदि)।
  • इसके बाद आपके registered mobile number पर एक SMS आएगा। उस SMS में PORT लिखकर 1900 पर भेज दें।
  • कुछ ही मिनटों में आपको एक 8-digit का Unique Porting Code (UPC) मिलेगा। इसकी validity 4 दिन (कुछ सर्किल में 15 दिन) की होती है। इस कोड को सुरक्षित रखें।

स्टेप 2: नए Operator के Store पर जाएं और Documents ले जाएं

  • अब आप जिस भी operator (Jio/Airtel) में port करना चाहते हैं, उसके nearest retailer या franchise store पर जाएं।
  • साथ में ले जाएं:
    • आधार कार्ड (Aadhar Card) – जरूरी: Original और एक photocopy। Biometric verification के लिए जरूरी है।
    • यूपीसी कोड (UPC Code): जो SMS में आया था।
    • पासपोर्ट साइज फोटो: 1 या 2।
    • पुरानी सिम: अगर साथ में है तो ठीक, वरना सिर्फ नंबर ही काफी है।

स्टेप 3: नई Sim के लिए फॉर्म भरना और वेरिफिकेशन (Form & Verification)

  • Store पर executive आपको एक फॉर्म देगा। इसे carefully भरें। इसमें आपका personal details, पुराना operator और UPC code डालना होगा।
  • Executive आपका आधार कार्ड scan करेगा और biometric (अंगूठे का निशान) लेगा। यह आपकी identity verify करने के लिए है।
  • इसके बाद वह अपने system में आपकी porting request दर्ज कर देगा।

स्टेप 4: नई सिम मिलना और पोर्टिंग की तारीख का इंतज़ार

  • Verification पूरा होने के बाद आपको एक नई सिम (जिसे ‘प्रोविजनल सिम’ कह सकते हैं) दी जाएगी। इसे अभी फोन में न लगाएं।
  • आपको एक specific date और time window (आमतौर पर 4 PM से 8 PM के बीच) बताई जाएगी, जब porting process complete होगी।
  • इस दिन, आपको अपना फोन स्विच ऑफ करना होगा, पुरानी सिम निकालकर नई सिम डालनी होगी, और फिर फोन ऑन करना होगा। Process आमतौर पर 2 घंटे के अंदर complete हो जाती है।

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Method 2: Online Process (घर बैठे सिम ऑर्डर करके)

Jio और Airtel, दोनों ही अपनी official website और app के जरिए home delivery पर porting सिम देते हैं।

  • Jio के लिए: jio.com पर जाएं, ‘Port to Jio’ option select करें। नंबर और UPC डालें, address डालें, और documents upload करें। सिम घर पहुंचेगी और delivery executive verification करेगा।
  • Airtel के लिए: airtel.in पर जाएं, ‘Port to Airtel’ option ढूंढें। इसी तरह की process follow करें।
  • Online process का फायदा: घर बैठे सुविधा। नुकसान: Delivery और verification का timing manage करना, और कई बार address proof पर issue आ सकता है।

Porting Process में आने वाली मुश्किलें और उनके Solutions (Common Problems & Troubleshooting)

  • UPC Code न मिलना: अगर 1900 से UPC नहीं आ रहा, तो सुनिश्चित करें कि कोई outstanding bill नहीं है। फिर से try करें, या customer care से संपर्क करें।
  • Porting Request Reject होना: सबसे common वजह है pending bill, या फिर आपने दिए गए details (जैसे name, address) में गलती की है। Details दोबारा verify करके नई request डालें।
  • Porting के बाद Network न आना: नई सिम लगाने के बाद फोन restart करें। Network settings में जाकर “Network Selection” को automatic कर दें। फिर भी न आए तो नए operator के customer care से बात करें।
  • पुराने Contacts/Data का बैकअप: Porting से पहले ही अपने contacts को Google Account या फोन की memory में save कर लें। Important messages और data का backup ले लें।

वो Hidden Charges जिनके बारे में कोई नहीं बताता (The Real Cost of Porting)

अब बात सबसे जरूरी हिस्से की – charges। जी हां, porting technically free है, यानी आपसे porting कराने के लिए कोई direct fee नहीं ली जाती। लेकिन, कुछ indirect और mandatory charges ऐसे हैं जो आपकी total cost बढ़ा देते हैं। यहां मेरा personal breakdown है:

  1. नई सिम का कॉस्ट (Sim Cost): यह सबसे common charge है। Jio और Airtel दोनों ही store पर आपसे नई सिम के लिए ₹50 से ₹100 तक ले सकते हैं। इसे ‘sim activation charge’ या ‘processing fee’ कहा जाता है। Online delivery में यह shipping charges के साथ included हो सकता है।
  2. मिनिमम रिचार्ज (Mandatory First Recharge): Porting complete होने के बाद, आपको नए operator के network में आते ही एक minimum plan खरीदना जरूरी होता है। यह plan आमतौर पर ₹99 से लेकर ₹299 तक का हो सकता है, जो कुछ days या weeks की validity देता है। आप चाहे या न चाहे, आपको यही करना पड़ता है।
  3. Store Executive की ‘मदद’ (Unofficial Charges): कई बार, store के executives आपसे कह सकते हैं कि “सर, process आसान करनी है तो कुछ charges लगेंगे”। यह पूरी तरह से अनौपचारिक और गलत है। आप इसे सख्ती से मना कर सकते हैं। Official receipt के अलावा कुछ न दें।
  4. प्लान का बदलाव (Plan Change Cost): मान लीजिए आप Airtel के किसी सस्ते plan के चलते Jio जा रहे हैं। हो सकता है Jio का वैसा ही plan थोड़ा महंगा हो। इसलिए long-term में आपकी monthly expense बढ़ सकती है। यह एक तरह का hidden cost ही है।
  5. Validity और बैलेंस का नुकसान (Loss of Balance): जैसा कि पहले बताया, अगर पुराने connection में कोई long-term plan चल रहा था, तो porting करते ही उसकी remaining validity और main balance डिलीट हो जाती है। इसकी कीमत भी calculate करें।

मेरे पोर्टिंग का कुल खर्च (Airtel to Jio):

  • Sim Cost: ₹50
  • Mandatory First Recharge (Jio’s ₹239 plan): ₹239
  • कुल (Total): ₹289
    इसके अलावा, मेरे पुराने Airtel connection में 20 दिन की validity बची थी, वह डिलीट हो गई। तो real cost ₹289 + (उस plan का proportionate cost) थी।

Porting के बाद क्या करें? (Post-Porting Checklist)

  • नई सिम को पूरी तरह एक्टिवेट करना: Porting के बाद कुछ essential services के लिए एक final activation जरूरी होता है। *121*1# (Jio पर) या *121*1# (Airtel पर) डायल करके IVR में जाएं और यह सुनिश्चित कर लें।
  • कॉलर ट्यून बदलना: अब आपकी call में पुराने operator की जगह नए operator की caller tune बजेगी।
  • नया Mobile App डाउनलोड करें: Jio के लिए ‘MyJio’ और Airtel के लिए ‘Airtel Thanks App’ डाउनलोड कर लें। इसमें आप bill, data usage और recharge manage कर सकते हैं।
  • Bank और UPI Apps को अपडेट करें: PhonePe, Google Pay, Paytm और अपने bank apps में जाकर नए operator का नाम update कर दें। कई बार OTP आने में problem इससे हल हो जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Mobile number porting एक बहुत ही user-friendly facility है जो आपको किसी भी operator के साथ फंसे रहने से बचाती है। हालांकि process थोड़ी lengthy और technical लग सकती है, लेकिन सही information और preparation के साथ यह बिल्कुल smooth हो सकती है। सबसे important बात यह है कि “free porting” के claim को समझें। Direct तो कोई fee नहीं है, लेकिन sim cost और mandatory first recharge के रूप में आपको कुछ amount जरूर invest करना पड़ेगा। साथ ही, पुराने बचे हुए balance और validity के loss को भी consider करें। अपने area के network coverage और long-term plans की price को compare करके ही final decision लें। अगर आप सावधानी से सारे steps follow करते हैं, तो बिना किसी stress के 24-48 घंटों में आप नए network का enjoyment उठा सकते हैं।


पोर्टिंग से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या porting करवाते समय मेरा नंबर कुछ देर के लिए बंद रहेगा?
हां, porting process complete होने के time slot (आमतौर रात 4-8 बजे) में कुछ घंटों के लिए आपकी सर्विस बंद रहती है। इस दौरान आपको कोई call या SMS नहीं मिलेगा। Process पूरा होने के बाद नई सिम लगाते ही सर्विस restore हो जाती है।

Q2. क्या मैं एक ही शहर में रहते हुए दूसरे state के operator में port कर सकता हूं?
जी नहीं। Porting request आपके current telecom circle (जैसे Delhi, Maharashtra, Uttar Pradesh West, आदि) के अंदर ही हो सकती है। आप Delhi circle के नंबर को Mumbai circle के operator में port नहीं करवा सकते।

Q3. Porting के बाद मेरी पुरानी सिम क्या करूं?
Porting process पूरी होते ही आपकी पुरानी सिम permanently डी-एक्टिवेट हो जाती है। उसे काटकर फेंक दें। उस पर कोई personal data नहीं होता, इसलिए किसी privacy concern की जरूरत नहीं।

Q4. क्या porting के दौरान मेरे contacts डिलीट हो जाते हैं?
नहीं, contacts आपके फोन या SIM में सेव रहते हैं। Porting का contacts से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन safety के लिए, हमेशा की तरह, अपने contacts का backup बना लेना एक अच्छी habit है।

Q5. क्या मैं बार-बार porting करवा सकता हूं?
TRAI के नियमों के अनुसार, एक बार porting करने के बाद आपको अगली porting request के लिए कम से कम 90 दिन का इंतजार करना होगा। यानी एक साल में आप maximum 4 बार ही port कर सकते हैं।

Q6. Porting request देने के बाद मैं इसे कैसे कैंसिल कर सकता हूं?
Porting की तारीख से पहले, आप अपने नए operator (जिसमें port हो रहे हैं) के customer care से संपर्क करके request cancel करवा सकते हैं। अगर process शुरू हो गई है तो cancel करना मुश्किल हो जाता है।


Written by – Aashutosh

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